पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी राजनीतिक संकट और गहरा गया है। पार्टी के कई सांसद और विधायक नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। इसी बीच टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न और पहचान कोई उनसे नहीं छीन सकता। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर उन्हें रोकना है तो पहले उन्हें खत्म करना होगा।
ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे भाजपा के साथ जाना चाहते हैं तो खुलकर जाएं, लेकिन पर्दे के पीछे राजनीति न करें। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी से अलग हुए कई नेता अब भाजपा के हित में काम कर रहे हैं। ममता ने कहा, **"गद्दारी की भी एक सीमा होती है।"** उनके मुताबिक जिन नेताओं को तृणमूल कांग्रेस ने पहचान और राजनीतिक मंच दिया, वही आज उसी पार्टी के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
इस बीच बागी गुट ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर भी दावा जताया है। हाल के हफ्तों में दर्जनों विधायक और कई सांसद अलग गुट बनाकर नेतृत्व से दूरी बना चुके हैं, जिससे टीएमसी के अंदर सियासी खींचतान तेज हो गई है।
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने केंद्रीय बलों की मदद से तृणमूल भवन पर कब्जा करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह इमारत किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि **"मां, माटी, मानुष"** की विचारधारा का प्रतीक है। इमारत पर कब्जा किया जा सकता है, लेकिन जनता के दिलों पर नहीं।
अपने संबोधन में ममता ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और मतगणना को प्रभावित कर सत्ता हासिल की गई। हालांकि उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए नई सरकार को स्वीकार किया गया है, लेकिन उनकी लड़ाई जनता के बीच लगातार जारी रहेगी।
ममता बनर्जी का बागी नेताओं पर तीखा वार, बोलीं- TMC का सिंबल हमारे साथ रहेगा
Source: Dastak Media