रूस के सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सहयोगी दिमित्री मेदवेदेव ने ईरान की रणनीतिक ताकत को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम विदाई कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मेदवेदेव ने कहा कि **होर्मुज स्ट्रेट** ईरान के लिए किसी वास्तविक परमाणु हथियार से कम महत्व नहीं रखता। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ताओं में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और समुद्री आवाजाही का मुद्दा प्रमुख बाधाओं में से एक बना हुआ है। शनिवार को अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मेदवेदेव ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान की सबसे बड़ी रणनीतिक शक्ति है। हालांकि उनके बयान के कुछ अनुवादों में ‘आर्मेनियन स्ट्रेट’ और ‘मालदीव स्ट्रेट’ जैसे शब्द भी सुनाई दिए, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उनका स्पष्ट इशारा ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर ही था। मेदवेदेव ने कहा कि यदि किसी बड़े युद्ध की स्थिति पैदा होती है तो होर्मुज स्ट्रेट ईरान के लिए बेहद प्रभावी रणनीतिक हथियार साबित हो सकता है। उनके मुताबिक, यह समुद्री मार्ग ईरान को ऐसा दबाव बनाने की क्षमता देता है, जिसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया क्षेत्रीय तनाव के दौरान ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर अपने प्रभाव का संकेत देकर वैश्विक शक्तियों को अपनी रणनीतिक क्षमता का एहसास कराया। फिलहाल ईरान में खामेनेई के अंतिम विदाई कार्यक्रम पूरे सप्ताह जारी रहेंगे, जिसके बाद उन्हें मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस बीच मेदवेदेव का बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है और इसकी सुरक्षा वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।