अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित 'वन शॉट' बयान पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने दिवंगत ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान कहा था कि यदि वह चाहें तो एक ही हमले में ईरान की बची हुई नेतृत्व व्यवस्था को खत्म कर सकते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों के शोक पर भी सवाल उठाते हुए तंज कसा कि उन्हें लगा था लोग खामेनेई से नफरत करते हैं और यह "फर्जी आंसू" हो सकते हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि जिस देश के पास न सभ्यता की गहराई है और न हजारों वर्षों का इतिहास, वह ईरान की संस्कृति और उसके मूल्यों को कभी नहीं समझ सकता। ईरान ने ट्रंप की टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ करार देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की हत्या की जा सकती है, लेकिन उसके विचारों और आदर्शों को कभी समाप्त नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि अयातुल्ला अली खामेनेई के सम्मान में 4 जुलाई से शुरू हुआ राजकीय शोक कार्यक्रम 9 जुलाई तक जारी है। इसी दौरान ट्रंप का बयान सामने आया, जिस पर ईरान में राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने भी सोशल मीडिया पर अमेरिका को निशाने पर लेते हुए कहा कि जिसने अभी-अभी अपना 250वां स्वतंत्रता दिवस मनाया है, वह ईरान जैसे हजारों साल पुराने इतिहास और वहां के शोक की भावना को समझ ही नहीं सकता। दूतावास ने अपने संदेश में लिखा कि "आपने सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं मारा, बल्कि इत्र की ऐसी शीशी तोड़ी है जिसकी खुशबू हर ओर फैल गई।" ईरान का कहना है कि उसके नेताओं की विरासत और उनके आदर्श किसी भी सैन्य धमकी से समाप्त नहीं किए जा सकते।