पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में चल रहा पाकिस्तान विरोधी आंदोलन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में लंदन की सड़कों पर हजारों कश्मीरी प्रदर्शनकारियों ने PoK की आजादी के समर्थन में मार्च निकालते हुए पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पार्लियामेंट स्क्वायर से पाकिस्तान हाई कमीशन तक मार्च किया और अपने क्षेत्र में कथित दमन, मानवाधिकार उल्लंघन और राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) के प्रमुख शौकत नवाज मीर समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पाकिस्तान सरकार लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। JAAC ने भी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता पर दमन की नीति ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाएगी। आंदोलनकारियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में लोगों के अधिकारों के कथित हनन का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि इन क्षेत्रों में नागरिकों को लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, PoJK में कुछ प्रदर्शनकारियों ने भारत से सहायता की अपील करने और नियंत्रण रेखा (LoC) खोलने की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि 9 जुलाई के बाद आंदोलन एक नए चरण में प्रवेश कर सकता है। जम्मू-कश्मीर नेशनल इंडिपेंडेंस अलायंस (JKNIA) के चेयरमैन महमूद कश्मीरी ने कहा कि दुनिया भर में कश्मीरी समुदाय अब पाकिस्तान की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और कथित अन्याय के खिलाफ संघर्ष नहीं रुकेगा। दूसरी ओर, पाकिस्तान पर आरोप लग रहे हैं कि वह PoJK में सरकार विरोधी आंदोलनों को दबाने के लिए सख्त और अमानवीय कदम उठा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।