कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। NDA के नेताओं ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से औपचारिक शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं की जा रही है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि कई स्थानों पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करने के बजाय सामूहिक शिविर लगाकर प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि कुछ क्षेत्रों में कम्युनिटी हॉल, मस्जिदों और यहां तक कि अधिकारियों के आवास पर लोगों को बुलाकर सत्यापन किया जा रहा है। NDA नेताओं का आरोप है कि इस तरह की प्रक्रिया चुनाव आयोग के तय दिशा-निर्देशों के खिलाफ है और इससे मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव अधिकारी से मांग की है कि अब तक भरे गए सभी गणना प्रपत्रों की जांच कराई जाए और प्रत्येक मतदाता का अनिवार्य रूप से घर-घर जाकर दोबारा सत्यापन कराया जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। NDA नेताओं ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि कथित अनियमितताओं के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जबकि कुछ मामलों को मुख्यधारा की मीडिया ने भी दिखाया है। उनका आरोप है कि BLO व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को शिविरों में बुला रहे हैं, जबकि नियमों के मुताबिक उन्हें प्रत्येक घर तक पहुंचकर सत्यापन करना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि SIR जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में तय नियमों का पालन नहीं होने से चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से इस तरह की कई शिकायतें लगातार मिल रही हैं और चुनाव आयोग से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है।