प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्तो ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान **‘बिन्तांग अदिपुर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’** से सम्मानित किया। यह सम्मान उन विदेशी नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने इंडोनेशिया और उसके लोगों के साथ संबंधों को मजबूत बनाने में विशेष योगदान दिया हो। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अपना व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया। उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति, सरकार और वहां की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं और दोनों देशों के बीच विश्वास तथा सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। जकार्ता स्थित राष्ट्रपति भवन **इस्ताना मर्देका** में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी तकनीक और नवाचार की सदी है तथा भारत और इंडोनेशिया जैसे युवा देशों के लिए मिलकर आगे बढ़ने के कई अवसर मौजूद हैं। उन्होंने शिक्षा, डिजिटल तकनीक, खाद्य सुरक्षा और विकास से जुड़े क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत ने अपनी सफल **मिड-डे मील योजना** और **सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS)** के अनुभव इंडोनेशिया के साथ साझा किए हैं, ताकि दोनों देश एक-दूसरे के विकास मॉडल से सीख सकें। इससे पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इंडोनेशिया में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद भी दिया। यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।