अमेरिका में पहले से कई धोखाधड़ी के मामलों का सामना कर रहे भारतवंशी कारोबारी गौरव श्रीवास्तव अब इंडोनेशिया में भी गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। OCCRP और इंडोनेशियाई मैगजीन *Tempo* की संयुक्त जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गौरव ने खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एजेंट बताकर तत्कालीन रक्षा मंत्री और मौजूदा राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का विश्वास जीत लिया। आरोप है कि उसने रक्षा सौदों के नाम पर करीब 425 करोड़ रुपये का फर्जी कर्ज मंजूर कराया।
रिपोर्ट के अनुसार, गौरव ने इंडोनेशिया को 36 F-15 लड़ाकू विमान, ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और आधुनिक सैन्य कमांड सिस्टम उपलब्ध कराने का दावा किया था। जांच में सामने आया कि जिन चार कंपनियों के जरिए ये रक्षा सौदे किए जा रहे थे, वे कथित तौर पर शेल कंपनियां थीं, जिन्हें बाद में टैक्स बकाया के कारण बंद कर दिया गया। केवल F-15 विमान सौदे की संभावित कीमत करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।
जांच में यह भी दावा किया गया है कि गौरव और प्रबोवो के बीच करीबी संबंध बन गए थे और राष्ट्रपति उन्हें 'मिस्टर G' कहकर संबोधित करते थे। गौरव ने यह भी दावा किया था कि उसने 2002 के बाली बम धमाकों के आरोपियों को पकड़वाने और प्रबोवो का नाम अमेरिकी इमिग्रेशन ब्लैकलिस्ट से हटवाने में भूमिका निभाई थी।
आरोप है कि कथित फर्जीवाड़े से मिली रकम से गौरव ने लॉस एंजिलिस में लगभग 208 करोड़ रुपये का आलीशान बंगला खरीदा। हालांकि, इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि कोई भी रक्षा सौदा अंतिम चरण तक नहीं पहुंचा, इसलिए सरकार को प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान नहीं हुआ।
उधर, अमेरिका में भी गौरव श्रीवास्तव के खिलाफ कई धोखाधड़ी के मामले चल रहे हैं। अदालत में दायर दस्तावेजों के मुताबिक, वह खुद को तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और अन्य अमेरिकी नेताओं का करीबी बताता था। साथ ही, CIA के 'नॉन-ऑफिशियल कवर (NOC)' एजेंट होने का उसका दावा भी जांच में संदिग्ध पाया गया। कई कथित गुप्त मिशनों की कहानियां और उसके दावे जांच में झूठे साबित होने की बात सामने आई है।
इंडोनेशिया में बड़ा घोटाला: CIA एजेंट होने का दावा, राष्ट्रपति से 425 करोड़ की कथित ठगी
Source: Dastak Media