पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी सियासी घमासान के बीच पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी के बयानों ने नई हलचल पैदा कर दी है। कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें घमंडी बताया था और यहां तक कह दिया था कि पार्टी में या तो अभिषेक रहेंगे या फिर वे खुद। इस विवाद के बीच अब टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कल्याण बनर्जी उनके वरिष्ठ हैं और उन्होंने उन्हें बचपन से बड़ा होते देखा है। इसलिए उन्हें अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने साफ कहा कि उनके मन में कल्याण बनर्जी के प्रति कोई नाराजगी या कड़वाहट नहीं है और वे उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। पार्टी के अंदर सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बीजेपी पर निशाना साधते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस किसी दबाव के सामने झुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई और सीआईडी जैसी एजेंसियों के जरिए पार्टी को डराया नहीं जा सकता और न ही विधायकों तथा सांसदों को तोड़कर टीएमसी को कमजोर किया जा सकता है। सीआईडी की पूछताछ को लेकर भी अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्हें नोटिस मिला था और वे करीब साढ़े पांच घंटे तक जांच में शामिल रहे। 14 जून को दोबारा बुलाए जाने पर भी वे उपस्थित होंगे। उन्होंने कहा कि वे हमेशा जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। गौरतलब है कि बंगाल में चुनावी झटकों के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है और कई वरिष्ठ नेता पार्टी नेतृत्व को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।