गुरुवार (9 जुलाई) को भारतीय शेयर बाजार ने पिछले कारोबारी सत्र की भारी गिरावट के बाद दमदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा उछलकर 77,000 के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी 150 अंकों से अधिक चढ़कर 24,050 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार की इस रिकवरी में बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर के शेयर सबसे आगे रहे, जहां निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। बाजार में आई यह तेजी ऐसे समय में देखने को मिली, जब एक दिन पहले यानी 8 जुलाई को सेंसेक्स 1,677 अंक और निफ्टी 516 अंक टूटकर बंद हुए थे। बुधवार की बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी का मौका देखा, जिससे प्रमुख सूचकांकों में मजबूत उछाल दर्ज हुआ। वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई शेयर बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। जापान का निक्केई 2 फीसदी से ज्यादा मजबूत हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग गिरावट के साथ कारोबार करते रहे। वहीं अमेरिकी बाजार में भी दबाव देखने को मिला। डाउ जोन्स और एसएंडपी 500 कमजोर बंद हुए, हालांकि नैस्डैक मामूली बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा। घरेलू बाजार को विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से भी सहारा मिला। हालिया कारोबारी सत्र में एफआईआई ने करीब 1,963 करोड़ रुपये और डीआईआई ने लगभग 790 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। पिछले सात दिनों में भी दोनों निवेशक वर्गों ने बाजार में अच्छी खरीदारी की है, हालांकि 30 दिनों के आंकड़ों में एफआईआई अब भी नेट सेलर बने हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों का मजबूत भरोसा और चुनिंदा सेक्टरों में जारी खरीदारी फिलहाल बाजार को सहारा दे रही है। हालांकि वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चाल आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।