भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) और फॉरेन वेंचर कैपिटल इन्वेस्टर्स (FVCI) के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बड़ा नियामकीय बदलाव किया है। अब इन निवेशकों को रजिस्ट्रेशन फीस अमेरिकी डॉलर (USD) के बजाय भारतीय रुपए (INR) में जमा करनी होगी। SEBI की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह नया नियम अधिसूचना जारी होने के छह महीने बाद प्रभावी होगा।
नए नियम के तहत कैटेगरी-I FPI और FVCI के लिए पहले जहां 2,500 अमेरिकी डॉलर रजिस्ट्रेशन फीस निर्धारित थी, वहीं अब इसकी जगह 2.30 लाख रुपए तय किए गए हैं। इस बदलाव का उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाना और डॉलर की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव से होने वाली अनिश्चितता को कम करना है।
SEBI ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में भी संशोधन किया है। अब कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म भरते समय आवेदकों को अपनी जन्मतिथि या कंपनी के गठन की तारीख अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। इससे PAN जारी करने की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और सरल होने की उम्मीद है।
इसके अलावा डिजिग्नेटेड डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स (DDPs) की जिम्मेदारियां भी बढ़ाई गई हैं। अब DDP को विदेशी निवेशकों से प्राप्त रजिस्ट्रेशन फीस भारतीय रुपए में SEBI के खाते में जमा करनी होगी। रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी होने के पांच कार्य दिवस के भीतर फीस जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही SEBI द्वारा तय प्रारूप में निवेशकों की आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी।
SEBI ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल शुरुआती रजिस्ट्रेशन पर लागू होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से विदेशी निवेशकों के लिए प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनेगी। साथ ही नियामक को रजिस्ट्रेशन और अनुपालन की बेहतर निगरानी करने में भी मदद मिलेगी।
विदेशी निवेशकों के लिए नए नियम लागू, जानिए क्यों चर्चा में है SEBI का फैसला
Source: Dastak Media