दिल्ली की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का भारतीय जनता पार्टी (BJP) में औपचारिक विलय हो गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में पार्टी के सभी 16 पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। ये सभी पार्षद वर्ष 2022 के नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर जीतकर आए थे। बाद में पार्टी से अलग होकर उन्होंने इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का गठन किया था। अब इस क्षेत्रीय दल के भाजपा में शामिल होने के साथ ही उसके सभी पार्षद भी भाजपा का हिस्सा बन गए हैं। इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के संयोजक रहे मुकेश गोयल ने भाजपा में विलय के फैसले के पीछे की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी से जुड़े रहने के दौरान पार्षदों को अपने-अपने वार्डों में विकास कार्य कराने के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिला। उनका आरोप है कि नगर निगम और दिल्ली सरकार दोनों में AAP की सरकार होने के बावजूद लगातार सिर्फ आश्वासन दिए गए, लेकिन विकास कार्यों के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग नहीं मिला। इसी कारण पार्षदों में असंतोष बढ़ता गया। मुकेश गोयल ने बताया कि रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने के बाद हालात में बदलाव आया और विकास कार्यों को गति मिलने लगी। इसी दौरान 16 पार्षदों ने इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का गठन किया और सरकार के सहयोग से कई विकास कार्य शुरू हुए। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार जनता के हित और राजधानी के विकास को प्राथमिकता दे रही है। इसी विश्वास के साथ सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से अपनी पार्टी का भाजपा में विलय करने का फैसला लिया। भाजपा में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में मुकेश कुमार गोयल, हेमचंद गोयल, देवेंद्र कुमार, उषा शर्मा, दिनेश कुमार, सुमन अनिल राणा, मनीषा जसबीर कालरा, बॉबी, रुणाक्षी शर्मा, राजेश के. लाड़ी, साहिब कुमार, राखी यादव, कमल भारद्वाज, लीना कुमार, हिमानी जैन और अशोक पांडेय शामिल हैं।