रायपुर, 13 जुलाई 2026। आदिम जाति विकास विभाग प्रदेश के अनुसूचित जनजाति समुदायों के शैक्षणिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। विभाग विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, आधारभूत संरचना और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रहा है। प्रदेश की 43 अनुसूचित जनजातियों के समग्र विकास के लिए छात्रवृत्ति, आवासीय विद्यालय, आश्रम-छात्रावास, आजीविका संवर्धन, वनाधिकार, अधोसंरचना निर्माण तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा सहित अनुसूचित क्षेत्रों में विशेष विकास प्राधिकरणों के माध्यम से विकास कार्यों को गति दी जा रही है। विभाग जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और विरासत के संरक्षण के लिए भी लगातार प्रयासरत है। छत्तीसगढ़ की जनजातीय अस्मिता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने, स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा समावेशी विकास को मजबूत बनाने की दिशा में विभाग की विभिन्न पहल राज्य के आदिवासी समाज के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।