संसद मार्च और जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और केंद्र सरकार के बीच बातचीत शुरू हो गई। सीजेपी ने दावा किया कि सरकार ने खुद संपर्क कर बातचीत के लिए बुलाया, जबकि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि वार्ता का प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों की ओर से आया था। सीजेपी की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका ने जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के बाद सौरव दास ने कहा कि मंत्री ने उनकी मांगों पर उचित स्तर पर चर्चा का भरोसा दिया है, हालांकि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं। सीजेपी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी देकर उनके खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न की जाए। दूसरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग। तीसरी, NEET 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। दूसरी ओर, जेपी नड्डा ने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग देने की अपील की। इसी बीच संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी देखने को मिला। सीजेपी ने पुलिस पर बदसलूकी के आरोप लगाए, जबकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कई दावे भ्रामक और तथ्यहीन हैं। फिलहाल आंदोलन और सरकार के बीच वार्ता का दौर जारी है।