तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को लेकर अपने रुख में नरमी दिखाई है। कुछ दिन पहले तक अभिषेक पर अहंकारी व्यवहार और वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी का आरोप लगाने वाले कल्याण बनर्जी अब उन्हें अपने बेटे के समान बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि बेटे से कोई गलती हो जाए तो उसे माफ करना पिता का कर्तव्य होता है और उनके मन में अभिषेक के प्रति कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है। हाल ही में कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज करने और घमंडी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अपने भतीजे और पुराने वफादार नेताओं के बीच किसी एक को चुनना पड़ सकता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि भविष्य में वह अभिषेक बनर्जी से जुड़े किसी कानूनी मामले की पैरवी नहीं करेंगे। इस दौरान कल्याण बनर्जी ने पार्टी सांसद शताब्दी रॉय पर भी तंज कसा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सुचित्रा सेन के बाद शताब्दी रॉय ही अगली बड़ी नायिका हैं। साथ ही लोकसभा में अलग बैठने की मांग कर रहे 19 सांसदों के रुख को भी उन्होंने ज्यादा महत्व नहीं दिया। उनका आरोप था कि कुछ नेता भाजपा के करीब जाने की कोशिश कर रहे हैं और यह पूरी कवायद राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। टीएमसी के कांग्रेस में विलय की अटकलों को भी उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि पार्टी का ऐसा कोई इरादा नहीं है। हाल के चुनावी झटकों और वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफों के बीच पार्टी के भीतर बढ़ती असंतोष की स्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है।