देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) ने अपने 93 वर्षों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। पहली बार स्थायी कमीशन के लिए महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट हुआ है। इस अवसर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सैन्य इतिहास का एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
13 जून को आयोजित स्प्रिंग टर्म-2026 की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि नौ महिला कैडेट्स को भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होते देख उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में और अधिक महिलाएं सेना में शामिल होकर देश सेवा का गौरव हासिल करेंगी।
इन नौ महिला कैडेट्स ने अपने पुरुष साथियों के साथ चार वर्षों का कठिन प्रशिक्षण पूरा किया है, जिसमें शुरुआती तीन वर्ष खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में बिताए गए। पासिंग आउट के बाद सभी को लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त किया जाएगा।
इस बार IMA से 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स के कुल 515 कैडेट्स अधिकारी के रूप में भारतीय सेना में शामिल हुए। इनमें नौ महिला कैडेट्स और 29 मित्र देशों के कैडेट्स भी शामिल रहे।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और नई तकनीकी चुनौतियों के बीच भारतीय सेना को भविष्य के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने नए अधिकारियों से जीवनभर सीखते रहने, साहसपूर्वक निर्णय लेने और उच्च नैतिक मूल्यों के साथ नेतृत्व करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारी केवल सैनिकों का नेतृत्व ही नहीं करते, बल्कि उनका मार्गदर्शन और संरक्षण भी करते हैं। इसलिए उन्हें उदाहरण प्रस्तुत करते हुए टीम भावना, समर्पण और सेना की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाना चाहिए।
IMA के 93 साल के इतिहास में नया अध्याय, पहली बार महिला अधिकारियों का बैच हुआ पास आउट...
Source: Dastak Media