नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान एक ओर विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आए, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस बैठक में सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई और कुछ दस्तावेजों पर भी चर्चा की गई। मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद इसे लेकर अलग-अलग राजनीतिक कयास लगाए जाने लगे। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार संसद में परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों पर आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। ऐसे में विभिन्न राजनीतिक दलों का रुख और संभावित समर्थन चर्चा का विषय बना हुआ है। एनसीपी (शरद पवार गुट) पहले भी संकेत दे चुकी है कि यदि सभी राज्यों में लोकसभा सीटों में समान रूप से वृद्धि को लेकर स्पष्ट और लिखित आश्वासन मिलता है, तो वह प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार कर सकती है। पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस संबंध में सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी थी। इधर, राजनीतिक गलियारों में एनसीपी के संभावित राजनीतिक रुख को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, किसी भी संभावित गठबंधन या राजनीतिक समीकरण को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में पीएम मोदी और शरद पवार की यह मुलाकात आने वाले समय में राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।