मुंबई। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते रहे। निफ्टी 24,000 के स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि सेंसेक्स में भी सैकड़ों अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आए नए वैश्विक संकेत रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आयातित जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके से 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की चेतावनी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इस घोषणा का सबसे अधिक असर भारतीय फार्मा कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला, क्योंकि भारत की कई दवा कंपनियां अमेरिकी बाजार में बड़े पैमाने पर निर्यात करती हैं।
फार्मा सेक्टर में बिकवाली के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों ने भी बाजार पर दबाव बनाया। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिससे महंगाई और आयात लागत बढ़ने की आशंकाओं ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में वैश्विक व्यापार नीतियों, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बनी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
हालांकि, जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को घबराकर निर्णय लेने से बचना चाहिए। बाजार में अस्थायी गिरावट के दौरान मजबूत कंपनियों में निवेश के अवसर भी बन सकते हैं। फिलहाल निवेशकों की निगाह अमेरिका की व्यापार नीति, कच्चे तेल की कीमतों और आगामी कॉर्पोरेट नतीजों पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशकों को बड़ा झटका
Source: Dastak Media