देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों को कई राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है। विभाग के अनुसार, देश के लगभग 20 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने, अचानक बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी, सक्रिय मानसूनी ट्रफ और विभिन्न स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। गुजरात और महाराष्ट्र के कई इलाकों में पहले से ही जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में तेज बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने किसानों, खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गुजरात और महाराष्ट्र में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, वहीं कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में भी नदियां उफान पर हैं और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह सतर्क है। दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, हालांकि फिलहाल अत्यधिक बारिश की आशंका नहीं जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दो दिन मौसम की दृष्टि से बेहद संवेदनशील रहेंगे और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव साबित होगी।