चीन में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने पैर पसारना शुरू कर दिया है. जून में 79 हजार नए केस दर्ज हुए और ओमिक्रॉन का NB.1.8.1 वैरिएंट सबसे ज्यादा फैल रहा है. इनमें से केवल 130 मरीज गंभीर स्थिति में पाए गए और एक व्यक्ति की मौत हुई. फिलहाल यह चीन में सबसे तेजी से फैलने वाला श्वसन संक्रमण बन गया है. हालांकि इस बार स्थिति 2020 जैसी नहीं है, लेकिन फिर भी भारत समेत दुनिया के देशों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि इस बार ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण हैं और स्थिति 2020 जैसी गंभीर नहीं है. लेकिन लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता जरूर बढ़ा दी है. चीन में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने पैर पसारना शुरू कर दिया है. जून में 79 हजार नए केस दर्ज हुए और ओमिक्रॉन का NB.1.8.1 वैरिएंट सबसे ज्यादा फैल रहा है. इनमें से केवल 130 मरीज गंभीर स्थिति में पाए गए और एक व्यक्ति की मौत हुई. फिलहाल यह चीन में सबसे तेजी से फैलने वाला श्वसन संक्रमण बन गया है. हालांकि इस बार स्थिति 2020 जैसी नहीं है, लेकिन फिर भी भारत समेत दुनिया के देशों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि इस बार ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण हैं और स्थिति 2020 जैसी गंभीर नहीं है. लेकिन लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता जरूर बढ़ा दी है. डॉक्टरों का कहना है कि समय के साथ वैक्सीन और पुराने संक्रमण से बनी प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है. यही वजह है कि समय-समय पर कोरोना के मामलों में उछाल देखने को मिल सकता है. फिलहाल भारत के लिए घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है. अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि चीन में फैल रहा NB.1.8.1 वैरिएंट पहले की तरह खतरनाक साबित हो रहा है.