पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले पांच दिनों से हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में हजारों लोग महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट, टैैक्स नीति और प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ लगातार सड़कों पर उतर रहे हैं। लंबे समय से JAAC, PoK विधानसभा में आरक्षित 12 शरणार्थी सीटों को समाप्त करने की मांग कर रही है। हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने इस संगठन को गैर-कानूनी घोषित कर दिया था। विरोध-प्रदर्शनों के बीच क्षेत्र में हिंसा भी बढ़ गई है। पिछले पांच दिनों में 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और कई इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। कश्मीर प्रशासन ने JAAC के चार प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी पर एक करोड़ पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा की है। जिन नेताओं पर इनाम घोषित किया गया है, उनमें शौकत नवाज मीर, उमर नजीर कश्मीरी, ख्वाजा मेहरान अरशद और सरदार अमन खान शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी में मदद करने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में 17 बच्चों और 7 गर्भवती महिलाओं के प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है। JAAC के ‘मुजफ्फराबाद चलो’ आंदोलन को स्थानीय जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। बढ़ते जनआंदोलन को देखते हुए सरकार इसे दबाने के लिए सख्त कदम उठा रही है, जिसके तहत संगठन के प्रमुख नेताओं के खिलाफ इनाम की घोषणा की गई है।