पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष का दौर जारी है और कई सांसदों तथा विधायकों के बागी तेवर सामने आ रहे हैं। इसी बीच टीएमसी के वरिष्ठ नेता और छह बार के लोकसभा सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने भी पार्टी से इस्तीफा देकर सियासी हलचल तेज कर दी है। 77 वर्षीय सुदीप बंद्योपाध्याय को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता था। वह कोलकाता उत्तर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं और लंबे समय तक लोकसभा में टीएमसी के नेता भी रहे हैं। शनिवार, 13 जून 2026 को उन्होंने बागी सांसद शताब्दी रॉय के साथ दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इससे पहले उनकी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से भी बातचीत हुई थी। शाह से मुलाकात के कुछ घंटे बाद ही उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया, हालांकि उन्होंने अपने फैसले की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई। इस घटनाक्रम के बाद टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर सुदीप बंद्योपाध्याय पर तीखा हमला बोला और उन पर पार्टी को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब उन्हें अपना सोशल मीडिया हैंडल बदल लेना चाहिए। सुदीप बंद्योपाध्याय के इस्तीफे के बाद लोकसभा में टीएमसी के बागी सांसदों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। वर्ष 2024 के चुनाव में पार्टी के 29 सांसद जीतकर आए थे, लेकिन अब ममता बनर्जी के साथ केवल आठ सांसद ही बचे हैं। ऐसे में टीएमसी के सामने राजनीतिक संकट और गहरा होता नजर आ रहा है।