गंगा का पानी बढ़ने से पटना में हालात गंभीर हो गए हैं. दीदारगंज चेक पोस्ट के पास नदी किनारे बसा ट्रैक्टर यार्ड देखते ही देखते पानी में डूब गया. जहां कभी सैकड़ों ट्रैक्टर कतार में खड़े थे, वहां अब दूर-दूर तक गंदा पानी और जलमग्न दिखाई दे रहा है पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में बाढ़ का असर साफ दिखाई देने लगा है. दीदारगंज चेक पोस्ट के पास से सामने आई तस्वीरों में गंगा के किनारे बना एक ट्रैक्टर यार्ड पूरी तरह से जलमग्न हो गया है. इसका वीडियो भी सामने आया है जिसमें दिख रहा है कि बड़ी संख्या में वहां ट्रैक्टर पानी में खड़े हैं. यार्ड में खड़े सैकड़ों ट्रैक्टर और फार्म मशीनरी बाढ़ के गंदे पानी में डूबी हुई हैं. हालात ऐसे हैं कि यार्ड का बड़ा हिस्सा पानी में समा चुका है और ट्रैक्टरों के पहिए तक गहरे पानी में डूबे दिखाई दे रहे हैं. दीदारगंज का यह इलाका गंगा के किनारे और निचले क्षेत्र में आता है. नदी का पानी आसपास के इलाकों में फैलने के बाद यार्ड भी इसकी चपेट में आ गया. मैदान में जगह-जगह गहरा कीचड़ और गंदा पानी नजर आ रहा है. इससे बिहार के बढ़ते जलस्तर का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है.क्टर पानी में खड़े हैं. पटना में गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. गांधी घाट पर गंगा का पानी 50.57 मीटर तक पहुंच चुका है, जो 2016 के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से 5 सेंटीमीटर ज्यादा है. साथ ही बिहार के 11 जिलों तक बाढ़ का असर है जिससे करीब 16.85 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. गंगा के साथ कोसी, गंडक और बागमती जैसी नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर हैं. इसके साथ ही दानापुर-दियारा इलाके में गंगा का पानी घरों, दुकानों और स्कूलों तक पहुंचा. जिसके बाद प्रशासन ने हालात को देखते हुए देखते हुए SDRF की नाव, जवानों और गोताखोरों को तैनात किया. और अब दीदारगंज में जहां आमतौर पर ट्रैक्टर और फार्म मशीनरी से यार्ड भरा होता था, वहां अब पानी का कब्जा है. जो कि बिहार में लगातार बढ़ते खतरे को दिखाता है.