दिशा सालियान केस में बड़ा अपडेट सामने आया है. CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. उनके पिता सतीश सालियान ने CBI के सामने चार घंटे से ज्यादा समय तक बयान दर्ज कराया. सतीश सालियान ने कई बड़े नेताओं, अधिकारियों, अभिनेताओं के नाम दर्ज कराए हैं.
सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रहीं दिशा सालियान की मौत का मामला करीब छह साल बाद बड़ा अपडेट सामने आया है. बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है. अब सामने आई FIR की कॉपी में ऐसे कई गंभीर दावे और बिंदु दर्ज हैं, जिनकी जांच केंद्रीय एजेंसी करेगी. इनमें गैंगरेप और हत्या से लेकर सबूतों से छेड़छाड़, पुलिस रिकॉर्ड में बदलाव और दिशा के मोबाइल फोन से जुड़ी कई गड़बड़ियां और आरोप शामिल हैं.
इस बीच शुक्रवार को दिशा के पिता सतीश सालियान ने भी CBI अधिकारियों के सामने चार घंटे से ज्यादा समय तक अपना बयान दर्ज कराया. वह अपने वकील नीलेश ओझा के साथ CBI अधिकारियों के सामने पहुंचे थे. सतीश सालियान पहले भी अपनी बेटी की मौत को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि दिशा के साथ गैंगरेप किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई. अपने बयान और याचिका में उन्होंने कुछ प्रभावशाली लोगों और पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे.
FIR में किन लोगों के जांच की बात?
FIR की कॉपी में कहा गया है कि दिशा सालियान की मौत से जुड़े मुख्य अपराध, कथित आपराधिक साजिश, बाद में बनाई और प्रचारित की गई कथित झूठी आत्महत्या की कहानी और सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें कथित हेरफेर की जांच जरूरी है.
इस संदर्भ में जिन लोगों की भूमिका की जांच की बात FIR में कही गई है, उनमें आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, तत्कालीन DCP विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे, अनिल देशमुख, API अशोक देवढे, PI जगदेव कलापाड़, PI शैलेंद्र नागरकर, PI चिमाजी अढ़ाव, PI अर्जुन रजाने और मालवानी पुलिस स्टेशन के संबंधित अधिकारी शामिल हैं.
इसके अलावा FIR में देरी से पोस्टमार्टम से जुड़े डॉक्टर और स्टाफ, डॉ. संजय जाधव, कलिना फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से जुड़े अधिकारी और N.P. भाले का भी जिक्र है. रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सुरक्षा गार्डों में सुशील कुमार यादव और शिवमुराद गौतम उर्फ मुन्ना के नाम भी दर्ज हैं. इनके अलावा प्रीति राणे, प्रवीण राणे, अंकिता सातुर, इंद्रनील वैद्य, दीप अजमेरा, हिमांशु शिखारे, रेशा पडवाल, सतवंत सिंह, नावेद मुजावर और प्रियेश राणे समेत SIT के वरिष्ठ सदस्यों और उन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की बात कही गई है, जिनकी निगरानी में जांच हुई थी. FIR में अन्य अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है.
हालांकि बेहद जरूरी है कि FIR में किसी व्यक्ति की भूमिका की जांच की बात होना उसे दोषी या आरोपी साबित नहीं करता. इन दावों की पुष्टि CBI की जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही हो सकेगी.
दिशा के मोबाइल फोन पर FIR में क्या कहा गया?
FIR में दिशा के मोबाइल फोन को लेकर कई गंभीर विरोधाभासों का जिक्र किया गया है. दस्तावेज में कहा गया है कि अलग-अलग बयानों और रोहन रॉय के बयान/इंटरव्यू से यह सवाल उठता है कि पुलिस ने 9 जून 2020 को सुबह करीब 9:40 बजे दिशा का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया था.
लेकिन FIR के मुताबिक, फोन को जब्त दिखाए जाने के बावजूद बाद में मीडिया रिपोर्टों में सामने आया कि वह फोन एक्टिव रहा और उसके बाद भी इस्तेमाल किया जाता रहा. बताया जा रहा है कि इसके बाद पुलिस की तरफ से यह स्पष्टीकरण दिया गया कि फोन को सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद संभावित कनेक्शन की जांच के लिए दोबारा खोला गया था.
FIR में दावा किया गया है कि यह स्पष्टीकरण भी उपलब्ध सामग्री से मेल नहीं खाता था और इसके बाद पहले के जब्ती रिकॉर्ड दबा दिए गए या नष्ट कर दिए गए तथा फोन को कब और किन परिस्थितियों में जब्त किया गया, इसे लेकर आधिकारिक रिकॉर्ड में एक अलग कहानी दर्ज की गई.
FIR में यह भी गंभीर दावा किया गया है कि दिशा का मोबाइल फोन सचिन वाजे और आदित्य ठाकरे के कब्जे में रहा और उसका इस्तेमाल किया गया. दस्तावेज के मुताबिक, फोन से उन लोगों की पहचान करने के लिए जानकारी हासिल की गई, जिनसे दिशा ने घटना से जुड़ी बातचीत की थी या जो संभावित गवाह बन सकते थे अथवा मामले से जुड़े लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकते थे.
मेडिकल रिकॉर्ड को लेकर भी FIR में सवाल
FIR में आगे आरोप के तौर पर कहा गया है कि ऐसे संभावित गवाहों की पहचान के बाद उन्हें खत्म करने की कोशिश की गई, धमकाया गया, दबाव में लिया गया या जानकारी सार्वजनिक करने से रोका गया. साथ ही दिशा के मोबाइल फोन में मौजूद प्रासंगिक डेटा को एक्सेस, डिलीट, उसमें छेड़छाड़ या किसी अन्य तरीके से प्रभावित किया गया, ताकि सबूतों की कड़ी को नष्ट किया जा सके.
FIR में मेडिकल और पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा गया है कि दिशा के वजाइनल और एनल स्वॉब्स लिए गए थे और जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए थे. इस मेडिकल सामग्री, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उससे जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी
दिशा सालियान सेलिब्रिटी मैनेजर थीं और उन्होंने कुछ समय के लिए दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी काम किया था. 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक हाईराइज बिल्डिंग से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी. इसके कुछ ही दिनों बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई थी, जिसके चलते दोनों मामलों को लेकर लंबे समय से कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं.
दिशा की मौत के समय मुंबई पुलिस ने इसे पहले एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट के तौर पर दर्ज किया था. बाद की जांच में आत्महत्या की बात सामने आई थी और पुलिस ने किसी साजिश या फाउल प्ले का सबूत नहीं मिलने की बात कही थी.
आदित्य ठाकरे ने आरोपों को बताया था बेबुनियाद
इस मामले में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे का नाम सतीश सालियान की याचिका में भी आया था. आदित्य ठाकरे ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि उनका दिशा सालियान की मौत से कोई लेना-देना नहीं है और इसे उन्हें बदनाम करने की कोशिश बताया था.
वहीं 2 सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI को दिशा सालियान की मौत की जांच करने और FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने मुंबई क्षेत्र के CBI जॉइंट डायरेक्टर को एक अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त करने को कहा था. कोर्ट ने यह भी साफ किया था कि पर्याप्त सबूत सामने आने तक किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए.
अब CBI की FIR में दर्ज इन तमाम बिंदुओं के बाद करीब छह साल पुराने दिशा सालियान केस में जांच का दायरा काफी अहम हो गया है. दिशा की मौत की रात वास्तव में क्या हुआ था, उनकी मौत की परिस्थितियां क्या थीं, मेडिकल और पुलिस रिकॉर्ड में क्या हुआ, मोबाइल फोन को लेकर उठे सवालों का सच क्या है और FIR में दर्ज तमाम आरोपों में कितनी सच्चाई है- इन सभी सवालों के जवाब अब CBI की जांच में तलाशे जाएंगे.
फिलहाल इस केस में सबसे बड़ा सवाल यही है कि FIR में दर्ज इन गंभीर दावों की जांच के बाद CBI के हाथ क्या नया सबूत लगता है और छह साल से अनसुलझे सवालों पर जांच एजेंसी की रिपोर्ट क्या तस्वीर सामने लाती है.
दिशा सालियान की मौत की CBI जांच शुरू, FIR में कई बड़े नामों का जिक्र
Source: Dastak Media