IIT बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन की लिस्ट बढ़ती जा रही है. अब उनके समर्थन में लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता सुधींद्र कुलकर्णी सामने आए हैं. उन्होंने प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज SC/ST एक्ट के मामले को वापस लेने की मांग की है. 22 वर्षीय IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर लगे आरोपों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. एक तरफ मामले में जांच चल रही है और साहिल के परिवार की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज है, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थन में आवाजें भी सामने आ रही हैं. पहले IIT दिल्ली के फैकल्टी फोरम ने डूला के समर्थन में बयान जारी किया और अब लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुधींद्र कुलकर्णी ने भी उनका समर्थन करते हुए SC/ST एक्ट के तहत दर्ज मामले को वापस लेने की मांग की है. कुलकर्णी ने IIT के पूर्व छात्रों और फैकल्टी सदस्यों से प्रोफेसर डूला के समर्थन में खड़े होने की अपील की है. वहीं, मामले में पुलिस जांच जारी है और डूला के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा. * छात्र की मौत के बाद विवाद में आए प्रोफेसर डूला * यह मामला IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर को हुई मौत के बाद सामने आया. रिपोर्टों के मुताबिक, परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर मामला सामने आया था. बताया गया है कि साहिल चैटजीपीटी की मदद से पेपर सॉल्व करने की कोशिश कर रहा था और उसी क्लास में प्रोफेसर डूला को परीक्षा में निगरानी की जिम्मेदारी निभा रहे थे. बाद में छात्र के पिता की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act के तहत मामला दर्ज किया गया. हालांकि, इस मामले में जांच अभी भी जारी है. IIT बॉम्बे ने 21 सितंबर को प्रोफेसर डूला को डीन (Administrative Affairs) के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया, हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह संस्थान में फैकल्टी सदस्य के रूप में बने हुए हैं * कुलकर्णी ने निष्पक्ष जांच की मांग की * कुलकर्णी ने आगे कहा कि साहिल के मौत के कारण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरी जांच से पहले ही प्रोफेसर डूला को दोषी मानकर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने डूला के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत दर्ज मामले को वापस लेने की भी मांग की. उन्होंने IITs में छात्रों की आत्महत्या के मामलों को लेकर व्यापक संस्थागत सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया. कुलकर्णी ने कहा कि छात्रों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता और पीयर-सपोर्ट उपलब्ध कराने के साथ-साथ परिसरों में जातिगत भेदभाव और सांप्रदायिकता से निपटने के प्रयास जारी रहने चाहिए. * IIT फैकल्टी के एक वर्ग ने भी किया समर्थन * कुलकर्णी का बयान ऐसे समय आया है जब IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने भी प्रोफेसर डूला के समर्थन में बयान जारी किया है. इसके साथ ही IIT दिल्ली के फोरम ने भी उनका साथ दिया है.