पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में आयोजित एक जनकल्याण शिविर के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कई अहम मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान को लेकर एक विवादित टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया कि जो लोग इनका विरोध करते हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ क्यों दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि कुछ लोग अपने बच्चों को ऐसे स्कूलों में पढ़ाते हैं जहां ‘वंदे मातरम’ या राष्ट्रगान को लेकर आपत्ति होती है, ऐसे में सरकारी सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। अपने संबोधन में उन्होंने सीमावर्ती सुरक्षा का भी जिक्र किया और कहा कि देश की सीमाओं पर निगरानी लगातार मजबूत की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने जनगणना और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई को भी जरूरी बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग बाहरी देशों से आकर सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठा सकते हैं, इसलिए व्यवस्था को और सख्त किया जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई जगहों पर सरकारी योजनाओं में भारी गड़बड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि पुरुषों को भी विधवा पेंशन का लाभ दिया गया, जो नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा उन्होंने मुर्शिदाबाद के डोमकल इलाके में लगभग 3500 फर्जी खातों का भी उल्लेख किया, जिनके जरिए छात्रवृत्ति राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों पर TMC की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसके साथ ही उन्होंने रोजगार योजना को लेकर भी नई घोषणा का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 100 दिन के रोजगार कार्यक्रम की जगह अब 125 दिन का रोजगार देने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए 8500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था का भी प्रस्ताव रखा, जिसके तहत उम्मीदवारों को उनकी OMR शीट और उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी घर ले जाने की सुविधा दी जाएगी, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।