अमेज़न इंडिया एक नए विवाद में फंस गई है, जिसमें कंपनी पर महान भारतीय गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट के कथित अपमान का आरोप लगाया गया है। यह मामला अमेज़न की “अमेज़न नाउ” सेवा से जुड़े एक विज्ञापन को लेकर सामने आया है, जिसे लेकर वकीलों और हिंदू जनजागृति समिति ने आपत्ति जताई है। आरोप है कि विज्ञापन में आर्यभट्ट की छवि को हास्य और व्यंग्य के रूप में इस तरह दिखाया गया है, जिससे उनकी गरिमा को ठेस पहुंची है और भारत की प्राचीन वैज्ञानिक परंपरा का भी अपमान हुआ है। इसी को आधार बनाकर मुंबई हाईकोर्ट के तीन वकीलों ने मुंबई पुलिस आयुक्त को शिकायत दी है और कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विज्ञापन को व्यावसायिक लाभ के लिए भारत की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत का मजाक बनाने जैसा इस्तेमाल किया गया है। हिंदू जनजागृति समिति ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अमेज़न इंडिया को कानूनी नोटिस भेजा है। समिति की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत वकील अमिता सचदेवा ने कंपनी से 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने और संबंधित विज्ञापन को सभी प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि तय समय में कार्रवाई न होने पर कंपनी के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे। समिति का कहना है कि आर्यभट्ट केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारत की वैज्ञानिक परंपरा और ज्ञान का प्रतीक हैं। ऐसे महान व्यक्तित्व को विज्ञापन में हास्य पात्र के रूप में दिखाना करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को आहत करता है। वहीं शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह मामला गंभीर है और इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल इस पूरे विवाद पर अमेज़न इंडिया की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और अब सभी की नजरें कंपनी के अगले कदम पर टिकी हैं।