चुनाव आयोग पर एक खोजी रिपोर्ट के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी CEC ज्ञानेश कुमार पर हमलावर हैं. उन्होंने उन पर धांधली का आरोप लगाया और तत्काल उनके इस्तीफे की मांग की. राहुल ने ज्ञानेश कुमार को 'देशद्रोही' तक कहा है.
राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार और नरेंद्र मोदी सरकार पर चुभते हुए प्रहार किए. उन्होंने 'वोट चोरी' को 'कानून चोरी' से जोड़ा. राहुल ने कहा कहा कि अगर वोट चोरी हुए हैं, तो ऐसे वोटों से चुने गए कानून बनाने वालों द्वारा बनाए गए कानून और संस्थागत बदलाव भी गैर-कानूनी होंगे.
उन्होंने कथित गड़बड़ियों के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी ज़िम्मेदार ठहराया और दावा किया कि दो चुनाव आयुक्तों ने इसके लिए CEC को दोषी माना था.
राहुल गांधी की यह टिप्पणी एक खोजी रिपोर्ट के एक दिन बाद आई, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले 10 महीनों में देश भर में SIR लागू करने के दौरान कई मुद्दों पर दो चुनाव आयुक्त CEC की राय से सहमत नहीं थे और आरोप लगाया गया कि उन्हें अंधेरे में रखा गया था.
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के अंदर मतभेदों की खबरों का ज़िक्र करते हुए कहा, "वोट हमारे देश की नींव है और हमारे वोट को खत्म कर दिया गया है."
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ़ वोट पर हमला नहीं है, बल्कि हर भारतीय की अभिव्यक्ति पर हमला है.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है और तर्क दिया कि अगर वोट ही खत्म हो जाए, तो संविधान काम नहीं कर रहा है.
* 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हेरफेर *
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय चुनावों में "धांधली" हो रही है और दावा किया कि इस बात की "100% पक्की जानकारी" है कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हेरफेर की गई थी.
गांधी ने कहा, "इस बात को 100% पक्का मानने के लिए पहले से ही काफी जानकारी मौजूद है - 99% नहीं, बल्कि 100% पक्का - कि भारतीय चुनावों, लोकसभा चुनावों, 2024 के चुनावों और विधानसभा चुनावों में धांधली हो रही है."
गांधी ने सवाल किया कि सत्ता-विरोधी लहर जिसका असर उन्होंने कहा कि कांग्रेस और क्षेत्रीय पार्टियों पर बार-बार पड़ा है- हाल के चुनावों में क्यों गायब दिख रही है.
उन्होंने 1971 के बांग्लादेश युद्ध के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की लोकप्रियता का उदाहरण दिया जिसके कुछ ही वर्षों बाद सत्ता-विरोधी लहर में भारी उछाल आया था.
गांधी ने पूछा, "एक के बाद एक कई नेताओं के साथ ठीक यही होता है. कांग्रेस नेताओं के साथ होता है. क्षेत्रीय पार्टियों के साथ होता है. लेकिन किसी वजह से, नरेंद्र मोदी के साथ ऐसा कभी नहीं होता. शाह के साथ नहीं होता? बीजेपी के साथ नहीं होता?"
उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में चुनावी नतीजों में आए बदलावों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि सत्ता-विरोधी लहर का पारंपरिक पैटर्न बदल गया है.
* वोट हमारे देश की नींव *
गांधी ने कहा कि कांग्रेस यह समझने की कोशिश कर रही है कि ऐसा क्यों हो रहा है और उन्होंने इसका जवाब चुनावी प्रक्रिया में मौजूद समस्याओं से जोड़ा.
उन्होंने कहा, "वोट हमारे देश की नींव है," और तर्क दिया कि चुनाव आयोग वोट का संस्थागत संरक्षक है.
गांधी ने कहा कि वोट से ही संविधान को ताकत मिलती है, संविधान से कानून बनते हैं और कानूनों से संस्थाएं बनती हैं.
उन्होंने कहा, "अगर वोट खत्म हो गया है, तो हमारा संविधान भी खत्म हो गया है. अब उसमें वह ताकत नहीं रही. वह अब काम नहीं कर रहा है."
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वोट की सुरक्षा की अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा है और कहा कि वे ये आरोप "हवा-हवाई" नहीं लगा रहे हैं.
* सरकारी गवाह बन जाएं ज्ञानेश *
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को उनका सुझाव है कि उन्हें सरकारी गवाह बन जाना चाहिए, क्योंकि यह देशभक्ति का काम होगा.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "जो कुछ हो रहा है, उसके लिए PM मोदी और गृह मंत्री शाह, दोनों की जांच होगी. वे इस साजिश में सबसे ऊपर हैं और इस देश के साथ उन्होंने जो किया है, उसके लिए उनकी जांच की जाएगी." उन्होंने कहा कि वे "देशद्रोही" हैं क्योंकि उन्होंने देश के लोकतंत्र में वोट की अहमियत को खत्म कर दिया है.
SIR को लेकर बढ़ा सियासी घमासान, राहुल गांधी ने CEC पर साधा निशाना
Source: Dastak Media