पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर जमीन घोटाले से जुड़ा मामला सुर्खियों में है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee के करीबी सहयोगी सुमित रॉय पर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। पश्चिम मेदिनीपुर की एक अदालत ने सुमित रॉय के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है, जिससे उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
यह पूरा मामला साल्बोनी भूमि धोखाधड़ी केस से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जांच के दौरान पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा से पूछताछ में सुमित रॉय का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी। आरोप है कि सुमित रॉय जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद अदालत ने यह सख्त कदम उठाया।
बताया जा रहा है कि सुमित रॉय, जो अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) भी हैं, ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर सुनवाई इस सप्ताह होने की संभावना है।
इस पूरे घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस और Mamata Banerjee की पार्टी के भीतर भी राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष लगातार इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर है और इसे बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार से जोड़कर देख रहा है।
वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और सुमित रॉय की भूमिका की गहराई से पड़ताल की जा रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस मामले में और भी नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
जमीन घोटाला मामले में सुमित रॉय के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ...
Source: Dastak Media