‘विपक्ष के साथ जुलाई में होगा खेला…’ TMC की बागी सांसद शताब्दी रॉय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि “अभी आप लोग मुझे पागल कर रहे हैं, बस इंतजार कीजिए और जुलाई में होने वाले संसद सत्र में देखिए कि क्या होता है।” पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय हलचल तेज है। बीजेपी के हाथों चुनाव में मिली हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी TMC अंदरूनी विवादों से जूझ रही है। पार्टी में असंतोष बढ़ता दिख रहा है और कई नेताओं के अलग रुख अपनाने की खबरें भी सामने आ रही हैं। इसी बीच शताब्दी रॉय के बयान ने राजनीतिक माहौल और गरमा दिया है। दिल्ली से कोलकाता लौटने के बाद शताब्दी रॉय ने कहा कि फिलहाल संसदीय दल के नेतृत्व को लेकर फैसले होने बाकी हैं। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि वे 2009 में भी पार्टी के कठिन समय में TMC के साथ खड़ी थीं। हालांकि, अब हालात अलग हैं और कई मुद्दों पर असहमति बढ़ी है। शताब्दी रॉय ने TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अभिषेक बहुत ही होशियार और काबिल नेता हैं, लेकिन किसी वजह से वह सही दिशा से भटक गए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में पार्टी के भीतर कई शिकायतें और मतभेद लंबे समय से जमा हो रहे हैं, जिनका असर अब सामने आ रहा है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद भी यह चर्चा तेज हो गई है कि बागी सांसदों की आगे की रणनीति क्या होगी। शताब्दी रॉय ने साफ किया कि उन्होंने किसी चुनाव चिन्ह पर दावा नहीं किया है और आगे का फैसला समय और परिस्थितियों के अनुसार ही होगा। कुल मिलाकर, TMC के अंदर चल रही यह राजनीतिक हलचल आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकती है।