बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 11 जून को कमजोरी का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 200 अंक गिरकर 73,700 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि निफ्टी भी लगभग 100 अंक टूटकर 23,100 के आसपास पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव IT, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी।
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक आर्थिक चिंताओं के कारण एशियाई बाजारों में बिकवाली हावी रही।
अमेरिकी शेयर बाजार भी बुधवार को भारी दबाव में बंद हुए थे। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने 10 जून को भारतीय बाजार में 2,125 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,124 करोड़ रुपए के शेयर खरीदकर बाजार को कुछ सहारा दिया। हालांकि पिछले सात और 30 कारोबारी दिनों के आंकड़े बताते हैं कि विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
बता दें कि इससे पहले 10 जून को बाजार में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला था। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था, जबकि निफ्टी हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
बाजार पर बिकवाली हावी, सेंसेक्स 200 अंक नीचे, निफ्टी 23,100 के करीब...
Source: Dastak Media