ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक तेल टैंकर ‘सेटोबेलो’ पर हुए हमले के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। हमले के बाद चलाए गए बचाव अभियान में 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि आदित्य शर्मा समेत 3 भारतीयों की मौत हो गई। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक तनाव को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
भारत सरकार ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अमेरिका के शीर्ष राजनयिक और कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय तलब किया। उन्हें भारत की ओर से औपचारिक विरोध पत्र (डिमार्शे) सौंपा गया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि ओमान के निकट वाणिज्यिक पोत ‘सेटोबेलो’ पर हुआ हमला बेहद चिंताजनक है। भारत का दूतावास ओमान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और राहत एवं खोज अभियान पर नजर बनाए हुए है। सरकार ने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस बीच, मृतक आदित्य शर्मा के परिवार ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके पिता राजेश शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से भावुक अपील करते हुए सरकार से न्याय और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना केवल एक समुद्री हादसा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस हमले ने वैश्विक स्तर पर समुद्री व्यापार और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
समुद्र में भारतीय जहाज पर हमला, भारत का कड़ा रुख, अमेरिका को दी सख्त चेतावनी, 3 मृत...
Source: Dastak Media