सुप्रीम कोर्ट में एक साइबर फ्रॉड मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने आरोपी को जमानत देने से साफ इनकार करते हुए सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी समाज के लिए “परजीवी” की तरह हैं, जो लोगों से धोखाधड़ी करके करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं और आम नागरिकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्ती जरूरी है क्योंकि उनका नेटवर्क किसी एक राज्य तक सीमित नहीं होता, बल्कि ये लोग एक जगह ठगी करने के बाद दूसरे राज्यों में जाकर नए लोगों को निशाना बनाते हैं। CJI सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि ऐसे अपराधियों को जेल में ही रहना चाहिए क्योंकि समाज के हित में यही बेहतर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साइबर अपराधी निवेशकों और आम जनता को भ्रमित कर बड़ी रकम हड़प लेते हैं, इसलिए उनके प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती। अदालत की बेंच ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराधों का दायरा बहुत व्यापक होता है और इनका असर पूरे देश में देखने को मिलता है। इस मामले में आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए कोर्ट ने कहा कि साइबर फ्रॉड करने वाले लोग लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते हैं, जिससे कानून व्यवस्था के लिए चुनौती पैदा होती है। इसलिए ऐसे लोगों को जेल में रखना ही समाज की सुरक्षा के लिए जरूरी है। गौरतलब है कि इससे पहले भी CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी चर्चा में आई थी, जब उन्होंने एक मामले की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं को लेकर “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल किया था। उस बयान को लेकर काफी विवाद हुआ था और देशभर में बहस छिड़ गई थी।