पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रही हलचल के बीच टीएमसी सांसद बाबुल सुप्रियो के बयान ने एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। हाल के दिनों में टीएमसी से कई नेताओं के अलग होने और पार्टी के भीतर कथित असंतोष की खबरों के बीच उनके राजनीतिक रुख को लेकर सवाल उठ रहे थे। इन्हीं अटकलों के बीच बाबुल सुप्रियो ने अपना स्पष्ट पक्ष रखा है।
उन्होंने कहा कि मीडिया लगातार उनसे यह पूछ रहा है कि वे किस राजनीतिक खेमे में हैं, जिससे वह थक चुके हैं। सुप्रियो ने साफ किया कि वह वर्तमान में जिस पार्टी और नेतृत्व के साथ जुड़े हैं, उसके प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है, और इसी भावना के साथ वह अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।
सांसद ने MPLAD फंड को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि यह जनता का पैसा है, जिसे सांसद के निजी नियंत्रण में नहीं बल्कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन के माध्यम से खर्च किया जाता है। उन्होंने बताया कि उनका प्रयास रहेगा कि इस फंड का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम बंगाल में विकास परियोजनाओं पर ही उपयोग हो।
सुप्रियो ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले भी राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया है और आगे भी विकास कार्यों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ओपन लेटर जारी करते हुए लिखा कि उन्हें किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और हर व्यक्ति को अपने निर्णय लेने का अधिकार है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग भ्रष्टाचार में शामिल हैं, जनता के पैसे का दुरुपयोग करते हैं और सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को कानून के दायरे में लाकर उचित सजा मिलनी चाहिए और न्याय प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए।
कांग्रेस या बीजेपी—बाबुल सुप्रियो ने साफ किया अपना रुख...
Source: Dastak Media