मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसी बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए खुद को इस मामले से अलग कर लिया है। जैकलीन ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को बरकरार रखा गया था। अब इस मामले की सुनवाई किसी दूसरी पीठ के समक्ष होने की संभावना है। गौरतलब है कि 30 मई को दिल्ली की एक अदालत ने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन फर्नांडिस, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। इसके अलावा, एक अन्य मामले में सुकेश और 20 अन्य लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) समेत विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय करने के निर्देश भी दिए गए थे। जांच के दौरान ईडी ने जैकलीन को कई बार पूछताछ के लिए समन भेजा था। बाद में एजेंसी ने अपने पूरक आरोपपत्र में पहली बार उन्हें आरोपी के रूप में नामजद किया। ईडी का आरोप है कि जैकलीन लगातार सुकेश चंद्रशेखर के संपर्क में थीं और उन्हें उसकी सहयोगी पिंकी ईरानी के जरिए कई महंगे उपहार मिले थे। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा ने कहा कि एक संबंधित मामले में उनके पुत्र सरकार की ओर से पेश हुए थे, इसलिए निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उन्होंने खुद को इस मामले से अलग करने का फैसला किया। अब इस याचिका को 25 जून को ऐसी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा, जिसमें वह शामिल नहीं होंगे।