अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के मुख्य आयोजन की तैयारियों के कारण कोलकाता का प्रमुख मार्ग रेड रोड पिछले सात दिनों से बंद है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। सड़क बंद होने से आम लोगों, वकीलों और दैनिक यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (AILU) ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि रेड रोड बंद रहने के दौरान नागरिकों के लिए पर्याप्त वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि योग दिवस कार्यक्रम समाप्त होते ही सड़क को तुरंत आम लोगों के लिए खोल दिया जाना चाहिए। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने दलील दी कि पूरी सड़क बंद करने के बजाय उसका एक हिस्सा चालू रखा जा सकता था, जिससे लोगों को अनावश्यक लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ता। वहीं राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि यह आयोजन आयुष मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है और लोगों की सुविधा के लिए कई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हैं। अदालत ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर इस मामले में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इधर, योग दिवस समारोह में सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी को लेकर भी विवाद सामने आया है। हालांकि अदालत और राज्य सरकार दोनों ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में शामिल होना अनिवार्य नहीं है, बल्कि कर्मचारियों से केवल अनुरोध किया गया है। रेड रोड पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम में लगभग 35 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जबकि हुगली नदी में 500 से अधिक नावों पर सामूहिक योग प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस आयोजन के जरिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की भी कोशिश की जा सकती है।