अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते (MoU) को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक पॉडकास्ट के दौरान पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता पर तंज कसते हुए कहा कि समझौते का पूरा विवरण सार्वजनिक करने में देरी की एक वजह यह भी थी कि पाकिस्तान और कतर में अमेरिका जैसी प्रेस की आजादी नहीं है।
दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 15 जून को अमेरिका-ईरान अंतरिम समझौते की घोषणा के बाद दो दिनों तक एमओयू का पूरा टेक्स्ट जारी नहीं किया गया था। इस देरी को लेकर अमेरिकी प्रशासन की आलोचना हुई और इसी संदर्भ में जेडी वेंस से सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और कतर में अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन (First Amendment) जैसी मजबूत संवैधानिक व्यवस्था नहीं है, जो अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता की गारंटी देती है।
वेंस ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि इन देशों में मीडिया को अमेरिका जैसी स्वतंत्रता प्राप्त नहीं है। उनका यह बयान पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया की स्थिति को लेकर एक बार फिर बहस का विषय बन गया है।
गौरतलब है कि वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पाकिस्तान 180 देशों में 153वें स्थान पर है, जो वहां की प्रेस स्वतंत्रता की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। जेडी वेंस की टिप्पणी को कई लोग पाकिस्तान की मीडिया व्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की गई एक बड़ी आलोचना के रूप में देख रहे हैं।
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को आगे बढ़ाने के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ अगले दौर की बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड रवाना होने वाले हैं।
MoU में देरी पर JD वेंस का बयान, बोले- पाकिस्तान में नहीं है अमेरिका जैसी प्रेस की आजादी...
Source: Dastak Media