नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अप्रैल 2026 में हुई श्रमिक हिंसा के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। फेज-2 कोतवाली पुलिस ने रिचा ग्लोबल होजरी कॉम्प्लेक्स से जुड़े इस मामले में करीब 1500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। चार्जशीट में 77 गवाहों को शामिल किया गया है और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश किए गए हैं। 13 और 14 अप्रैल को श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कई इलाकों में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। इस मामले में करीब 34 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। जांच के दौरान SIT ने ऐसे लगभग 10 लोगों की पहचान की है, जिन पर हिंसा की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोप है। वहीं करीब दो दर्जन लोगों की सीधे तौर पर हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता सामने आई है। चार्जशीट में मुख्य आरोपी रूपेश राय समेत आकृति, मनीषा चौधरी, सत्यम वर्मा, हिमांशु ठाकुर और सतीश कुमार सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य होने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, रूपेश राय के मोबाइल फोन और लैपटॉप से कई दस्तावेज, संदेश और डिजिटल सामग्री बरामद हुई है, जिनसे श्रमिकों को हड़ताल और विरोध प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने के संकेत मिले हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और पुलिस के दावों की अंतिम पुष्टि अब अदालत में सुनवाई के दौरान पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर ही होगी।