कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयान को लेकर पार्टी के भीतर विवादों में घिर गए हैं। श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश की मौजूदा स्थिति और वहां हो रहे बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने माना कि अभी कई चुनौतियां बाकी हैं, लेकिन इस यात्रा के बाद उन्हें पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक महसूस हुआ। थरूर की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं ने असहमति जताई। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा कि केवल प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर हालात का सही आकलन नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि आम लोगों, स्थानीय प्रतिनिधियों और विभिन्न समुदायों से भी संवाद किया जाना चाहिए था, ताकि जमीनी स्थिति की बेहतर समझ बन सके। दरअसल, कांग्रेस लंबे समय से केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने में नाकाम रहने का आरोप लगाती रही है। पार्टी अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य का दर्जा समाप्त किए जाने का भी विरोध करती रही है। ऐसे में थरूर की सकारात्मक टिप्पणी को पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग माना जा रहा है। वहीं, भाजपा ने थरूर के बयान का स्वागत किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद घाटी में हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है तथा विकास और पर्यटन के नए अवसर पैदा हुए हैं। इससे पहले भी G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और भारतीय हितों को लेकर की गई थरूर की प्रशंसा कांग्रेस के भीतर चर्चा और विवाद का विषय बन चुकी थी।