पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब उनकी वापसी का कोई सवाल नहीं है और यह अध्याय पूरी तरह खत्म हो चुका है। अपने संबोधन में उन्होंने टीएमसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पार्टी के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया। शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले विधायकों पर कार्रवाई की जाती है, जबकि गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों को संरक्षण दिया जाता है। उन्होंने बिना सीधे नाम लिए हरीश मुखर्जी रोड, हरीश चटर्जी स्ट्रीट और आमतला से जुड़े नेताओं की संपत्तियों की नीलामी और जब्ती का संकेत दिया। राजनीतिक हलकों में इसे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर सीधा निशाना माना जा रहा है। अपने भाषण के दौरान अधिकारी ने कहा कि उन्होंने कभी संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ा। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद उन्हें राजनीति छोड़ने की सलाह दी गई थी, लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने एक जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के ठेकेदार द्वारा I-PAC को कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये दिए जाने का आरोप भी लगाया। हालांकि उन्होंने टीएमसी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान जताया, लेकिन साफ कहा कि वह शौकत और जहांगीर को नहीं छोड़ेंगे। इसके अलावा बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने दावा किया कि अब तक 10 हजार घुसपैठियों को वापस भेजा जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के कानूनों को लागू करने के साथ-साथ हजारों लोगों के लिए 12 होल्डिंग सेंटर तैयार किए गए हैं।