भारत ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की युद्ध संबंधी टिप्पणी को सिरे से खारिज करते हुए इसे पाकिस्तान की आंतरिक समस्याओं और विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यों से परे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस तरह के बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान पाकिस्तान में जारी मानवाधिकार उल्लंघनों और प्रशासनिक विफलताओं से हटाने का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि भारत इन आरोपों को पूरी तरह अस्वीकार करता है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के लोग लंबे समय से आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों की कमी और प्रशासनिक दमन का सामना कर रहे हैं, जिसके कारण असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
दरअसल, पाकिस्तानी समाचार चैनल ARY न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि यदि भारत पाकिस्तान की जल आपूर्ति को प्रभावित करने की कोशिश करता है, तो इस्लामाबाद जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और जल संसाधनों पर खतरा महसूस होने की स्थिति में पाकिस्तान युद्ध का विकल्प भी चुन सकता है।
इस बीच, सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। भारत के जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने हाल ही में कहा था कि जून 2028 तक ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जा सकती हैं, जिनसे पाकिस्तान की ओर जाने वाले सिंधु नदी के पानी को पूरी तरह रोका जा सके। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत पहले ही सिंधु जल संधि को निलंबित कर चुका है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी और क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
युद्ध की धमकी देने वाले पाकिस्तान को भारत का करारा जवाब, कहा- झूठे हैं आरोप
Source: Dastak Media