पश्चिम बंगाल विधानसभा में कथित फर्जी हस्ताक्षर (फर्जी साइन) मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। गुरुवार को सीआईडी (CID) ने भवानी भवन स्थित अपने मुख्यालय में उनसे करीब छह घंटे तक लंबी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी उनके जवाबों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुई है, जिसके बाद उन्हें 14 जून को दोबारा पूछताछ के लिए तलब किया गया है।
सीआईडी अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान अभिषेक बनर्जी कई महत्वपूर्ण सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। कुछ मौकों पर उन्होंने नाराजगी भी जाहिर की। जांच एजेंसी पहले ही उन 13 विधायकों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनके हस्ताक्षर प्रस्ताव पुस्तिका में ब्लॉक अक्षरों में पाए गए थे।
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अभिषेक बनर्जी निर्धारित समय से पहले ही सीआईडी मुख्यालय पहुंचे थे। करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद वह देर रात कार्यालय से बाहर निकले और सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पहुंचे।
इस बीच मामले ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है। सुनवाई से पहले अभिषेक के वकील और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने खुद को मामले से अलग कर लिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अभिषेक बनर्जी के रवैये पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी को चेतावनी दी कि उन्हें दोनों नेताओं में से किसी एक का साथ चुनना होगा।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब विधानसभा में टीएमसी विधायी दल के पदाधिकारियों की नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव और उस पर दर्ज विधायकों के हस्ताक्षरों की सत्यता पर सवाल उठे। बाद में पार्टी के दो विधायकों ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि संबंधित बैठक में ऐसा कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था और दस्तावेज में दर्ज कई हस्ताक्षर संदिग्ध हैं। शिकायत के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर गंभीर हो गया है, जिसकी जांच अब सीआईडी कर रही है।
6 घंटे तक CID के सवालों का सामना करते रहे अभिषेक बनर्जी, 14 जून को फिर होंगे पेश...
Source: Dastak Media