हवाई यात्रियों के लिए जल्द ही राहत भरी खबर आ सकती है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में आई गिरावट के बाद केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में फ्लाइट टिकटों की कीमतों की समीक्षा की जा सकती है। यदि ईंधन की मौजूदा कीमतें लंबे समय तक स्थिर रहती हैं, तो एयरलाइंस द्वारा वसूले जा रहे फ्यूल सरचार्ज में कमी या उसे पूरी तरह हटाने पर विचार किया जा सकता है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि सरकार ईंधन की कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए है और इस मुद्दे पर एयरलाइंस कंपनियों के साथ नियमित बातचीत भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में विमानन क्षेत्र को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते कुछ रूट्स पर अतिरिक्त शुल्क और अपेक्षाकृत अधिक किराया लागू करना पड़ा था। हालांकि हाल के दिनों में ATF की कीमतों में नरमी देखने को मिली है, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यह गिरावट केवल अस्थायी न हो। यदि कच्चे तेल और विमान ईंधन की कीमतें लंबे समय तक नियंत्रित और स्थिर बनी रहती हैं, तो इसका सीधा फायदा यात्रियों को मिल सकता है। फिलहाल फ्लाइट टिकट सस्ते करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बावजूद इसके, सरकार के ताजा संकेतों ने यात्रियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन लागत में कमी आने से एयरलाइंस के परिचालन खर्च घटेंगे, जिससे टिकटों की कीमतों में भी राहत मिल सकती है। ऐसे में आने वाले महीनों में हवाई यात्रा पहले की तुलना में अधिक किफायती होने की संभावना दिखाई दे रही है।