प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान शनिवार को सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन पहुंचे। यहां उन्होंने दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय जीवों में शामिल 194 वर्षीय अल्डाब्रा जायंट कछुए ‘जोनाथन’ से मुलाकात की। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने जोनाथन और अन्य विशाल कछुओं को अपने हाथों से पत्तियां खिलाईं। उनके साथ सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी भी मौजूद रहे। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की तस्वीरें और जानकारी साझा करते हुए बताया कि अल्डाब्रा जायंट टॉर्टोइज सेशेल्स की पहचान हैं। ये दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली कछुआ प्रजातियों में गिने जाते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत और सेशेल्स के बीच इन कछुओं के माध्यम से एक खास रिश्ता भी जुड़ा है। वर्ष 2014 में सेशेल्स ने दो विशाल कछुए कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर को उपहार में दिए थे। बाद में हैदराबाद चिड़ियाघर को भी ऐसे कछुए भेंट किए गए। अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय गौरव माने जाने वाले दुर्लभ ‘कोको डी मेर’ वृक्ष का पौधा भी लगाया। यह पेड़ अपने विशाल बीज और भारी फलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के साझा लक्ष्य के साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। करीब 1.20 लाख की आबादी वाले सेशेल्स में भारतीय मूल के लोगों की अच्छी-खासी संख्या है। यहां लगभग हर आठवां नागरिक भारतीय मूल का है। राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन के पूर्वज भी बिहार के गोपालगंज से जुड़े रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।