नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में बड़े कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम के ऐलान के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में अहम बदलावों की घोषणा भी हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस फेरबदल में कई केंद्रीय मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं। कुछ नेताओं को संगठन में नई भूमिका दी जा सकती है, जबकि संगठन में सक्रिय कुछ नेताओं को मोदी सरकार में मंत्री बनने का मौका मिल सकता है। कई मंत्रालयों के प्रभार में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। हाल के महीनों में शिक्षा मंत्रालय से जुड़े विवादों, खासकर नीट परीक्षा और सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भविष्य पर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बीजेपी संगठन में लंबे समय से चर्चा में रहे **'एक व्यक्ति, एक पद'** के सिद्धांत को भी लागू किया जा सकता है। इसके तहत संगठन और सरकार दोनों में जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ नेताओं को एक पद छोड़ना पड़ सकता है। वहीं, आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को मंत्रिमंडल में अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है। 23 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 25 जून को गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया। हालांकि सरकार ने इन मुलाकातों को सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री मोदी ही करेंगे और आधिकारिक घोषणा के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।