कर्नाटक में वक्फ भूमि विवाद एक बार फिर सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस सरकार पर किसानों के भूमि अधिकारों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने दावा किया कि राज्य सरकार की कथित ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ के कारण किसानों की जमीन और आजीविका खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से इस पूरे मामले पर तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
भाजपा का आरोप है कि राज्य के भूमि अभिलेखों में बड़ी संख्या में वक्फ से जुड़ी प्रविष्टियां दर्ज की जा रही हैं। आर. अशोक के अनुसार, अब तक 1.80 लाख से अधिक ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स, टेनेसी एंड क्रॉप्स’ (RTC) में वक्फ संबंधी एंट्री की जा चुकी है, जबकि यह संख्या लगभग तीन लाख रिकॉर्ड तक पहुंच सकती है। उनका कहना है कि यदि ऐसा होता है तो किसानों के मालिकाना हक और उनकी रोजी-रोटी पर गंभीर असर पड़ सकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि किसानों की जमीन को वक्फ विवाद में शामिल कर आखिर सरकार किसके हितों की रक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में सामने आ रही रिपोर्टें गलत हैं तो सरकार को तुरंत सार्वजनिक रूप से सच्चाई बतानी चाहिए, ताकि किसानों के बीच फैली चिंता दूर हो सके।
भाजपा का दावा है कि यह मुद्दा केवल भूमि रिकॉर्ड में बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे किसानों के भविष्य, संपत्ति के अधिकार और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण सवाल जुड़े हुए हैं। पार्टी का कहना है कि कर्नाटक के सभी 31 जिलों के किसान इस विवाद से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट कर किसानों की आशंकाओं को दूर करना चाहिए।
वक्फ भूमि विवाद पर गरमाई सियासत, BJP ने कहा- यह किसानों के भविष्य का सवाल
Source: Dastak Media