अमेरिका द्वारा अपने **इंडो-पैसिफिक कमांड** का नाम बदलकर फिर से **पैसिफिक कमांड** किए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगीं। इस फैसले को दोनों देशों के रिश्तों में दूरी से जोड़कर देखा गया। हालांकि, बढ़ते विवाद के बीच भारत में अमेरिकी राजदूत **सर्जियो गोर** ने साफ कहा कि केवल नाम बदलने से रणनीतिक साझेदारी पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आज भी किसी भी अन्य देश की तुलना में अमेरिका के साथ सबसे अधिक सैन्य अभ्यास करता है और दोनों देशों के रक्षा अधिकारियों के बीच लगातार उच्चस्तरीय दौरे जारी हैं।
US-India Strategic Partnership Forum Leadership Summit में बोलते हुए गोर ने कहा कि लोगों को लेटरहेड पर लिखे नाम की बजाय अमेरिका के वास्तविक कदमों को देखना चाहिए। उनके मुताबिक, रक्षा, व्यापार, तकनीक और निवेश जैसे हर क्षेत्र में भारत और अमेरिका के संबंध पहले की तरह मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अगले दो सप्ताह में भारतीय नौसेना का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका का दौरा करेगा, जो दोनों देशों के गहरे रक्षा सहयोग का उदाहरण है।
अपने संबोधन के दौरान गोर ने राष्ट्रपति **डोनाल्ड ट्रंप** और प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी** की व्यक्तिगत समझ का भी जिक्र किया। उन्होंने एक घटना सुनाई, जिसमें ट्रंप ने मियामी में UFC कार्यक्रम के दौरान सुबह करीब 6 बजे भारत में मौजूद मोदी को फोन करने की इच्छा जताई थी। गोर ने कहा कि इस किस्से से दोनों नेताओं के बीच भरोसे और दोस्ती का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि आने वाले दो साल भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के लिए बेहद अहम होंगे। उनके अनुसार, इस दौरान लिए गए फैसले आने वाले कई दशकों तक दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तय करेंगे।
‘इंडो’ हटाने पर घिरे अमेरिका, सर्जियो गोर ने ट्रंप-मोदी की सुबह 6 बजे वाली कहानी सुनाई
Source: Dastak Media